अंशुमान चक्रपाणि का दशकों पुराना ब्लॉग नक्कारखाना (Nakkarkhana), विचारों के सैलाब को शब्द देने का एक माध्यम है.
www.Nakkarkhaanaa.blogspot.com
Tuesday, November 12, 2013
साहित्य विनोद : एक नई ब्लॉग की शरुआत
Labels:
फिर नई शुरुआत
नक्कारखाना खुद को स्वछंद अभिव्यक्ति करने का माध्यम है. मुझे पूज्य पिताश्री से पढ़ने और लिखने का शौक विरासत में मिला, ये बात अलग है की मेरी लेखनी में उनके जैसा पैनापन और लोगों को बांधे रखने की कूबत नहीं.
नक्कारखाना एक छोटा-सा प्रयास है अपने अंतर्मन में उबलते विचारों को लिपिबद्ध करने का और दिल में जल रहे गुस्से के भड़ास को निकालने का. आपको मेरा ये प्रयास कैसा लगा जरूर बताये, आपकी प्रतिक्रियाओं का मुझे इन्तजार रहेगा|
-धन्यवाद.
Subscribe to:
Posts (Atom)
इसे भी देखे :
-
आश्रम जीवन और मैं आज एक दिलचस्प वाक्या आपलोगों के सामने रखना चाहता हूँ. कुछ लोग ही शायद जानते हों मेरा जुड़ाव योग से दो दशकों से ...
-
गावों का विकास एक लंबे अर्से बाद ननिहाल जाना पड़ा बीमार मामू को देखने के लिये। पूर्णियां से लगभग 45 किलोमीटर दूर के गाँव में। यह लंबा अ...
-
दीपावली और प्रदूषण - एक साजिश किसने इन गधों को वैज्ञानिक और अनुसंधान करने की योग्यता की डिग्रीयां दी? जैसे मनमोहन सिंह अर्थशास्त्री...
-
Save Earth from Covid-19 छह महीने बाद भी कोरोना विश्व के लिए खतरा बना हुआ है. वर्ल्डओमीटर के डेटा के अनुसार आज तक विश्व में कोरोना सं...
-
हमारी सरकार के साथ-साथ निजी कंपनियां और शोध संस्थाएं निरंतर शोध संवर्धन और पेटेंट के प्रति इतनी गंभीर नहीं है, जितनी अमेरिका और यूरोप क...
-
एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का इस तरह सूसाइड कर लेना, बहुत दुखद खबर है. श्रीमती ने अभी बताया, उन्हें भी बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाते वक्त शायद वीडि...
-
१९९० के दशक में भारतीय डाक विभाग के विसंगतियों और डाक वितरण में आयी खामियों या निकम्मेपन की वजह से देश में प्राइवेट कुरियर कंपनियां कुकुरमुत...
-
"भर्तृहरि नीति शतक" से सादर समर्पित : साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीनः । तृणं न खादन्नपि जीवमानस्तद्भागधेयं...
-
हर जाते हुए पुराने साल के अंत में लोगों को नए साल को ग्रैंड welcom करने का सबसे बेहतरीन तरीका लगता है... नए साल का नया Resolution यानि स...
-
दीये और बाती दीपावली पर कब दीपक की जगह मोमबत्ती ने ले लिया हमें पता ही नहीं चला। पर पिछले कई सालों से हमने यह गलती सुधारी और वापस दे...
