अंशुमान चक्रपाणि का दशकों पुराना ब्लॉग नक्कारखाना (Nakkarkhana), विचारों के सैलाब को शब्द देने का एक माध्यम है.
www.Nakkarkhaanaa.blogspot.com
Saturday, February 16, 2013
आओ फिर से दिया जलाएं...
Labels:
कविता
नक्कारखाना खुद को स्वछंद अभिव्यक्ति करने का माध्यम है. मुझे पूज्य पिताश्री से पढ़ने और लिखने का शौक विरासत में मिला, ये बात अलग है की मेरी लेखनी में उनके जैसा पैनापन और लोगों को बांधे रखने की कूबत नहीं.
नक्कारखाना एक छोटा-सा प्रयास है अपने अंतर्मन में उबलते विचारों को लिपिबद्ध करने का और दिल में जल रहे गुस्से के भड़ास को निकालने का. आपको मेरा ये प्रयास कैसा लगा जरूर बताये, आपकी प्रतिक्रियाओं का मुझे इन्तजार रहेगा|
-धन्यवाद.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
इसे भी देखे :
-
आज पूरी दुनिया में दो घटनाएँ एक साथ घट रही है. पहला तो आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है और दूसरा साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण चल रहा है. इस ग्...
-
हर जाते हुए पुराने साल के अंत में लोगों को नए साल को ग्रैंड welcom करने का सबसे बेहतरीन तरीका लगता है... नए साल का नया Resolution यानि स...
-
१९९० के दशक में भारतीय डाक विभाग के विसंगतियों और डाक वितरण में आयी खामियों या निकम्मेपन की वजह से देश में प्राइवेट कुरियर कंपनियां कुकुरमुत...
-
सफ़र से नाता काफी नजदीकी रहा है. मेघालय और आसाम यात्रा पर था तो ट्रेन में सफ़र के दौरान एक बात पर ध्यान गया. बात बिल्कुल सामान्य है, सबने ...
-
"भर्तृहरि नीति शतक" से सादर समर्पित : साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीनः । तृणं न खादन्नपि जीवमानस्तद्भागधेयं...
-
मोदीजी का देश के नाम लॉक डाउन के घोषणा से लेकर अब तक का छठा संबोधन, अभी-अभी मोदीजी के वेबसाइट पर सुना. सुनकर ये तो पता चल गया कि सरकार अब य...
-
Photo by @ Alka Bharti लीची गर्मियों का एक प्रमुख फल है. स्वाद में मीठा और रसीला होने के साथ ही ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. ...
-
एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का इस तरह सूसाइड कर लेना, बहुत दुखद खबर है. श्रीमती ने अभी बताया, उन्हें भी बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाते वक्त शायद वीडि...
-
होमेमेड गेहूं की आटे से बने बिना अंड्डे के केक. कोई कमी दिख रही है क्या? फिर बाजार क्यों जाना. कल ही एक पोस्ट लिखी थी, जिसका सार थ...

No comments:
Post a Comment